अमेरिका ने ईरान पर हाल ही में हुए हमले में एलोन मस्क के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ‘ग्रोक’ का उपयोग किया। खबरों के अनुसार, अमेरिका ने 96 घंटों के भीतर 2,000 से अधिक मिसाइलों को ईरान में 2,000 अलग-अलग लक्ष्यों पर दागा। यह हमला ‘ग्रोक’ की सहायता से किया गया था, जिसने लक्ष्यों की पहचान और हमले की योजना बनाने में मदद की। इस घटना से AI के सैन्य उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ‘ग्रोक’ ने हमले में कितनी भूमिका निभाई। हालांकि, यह जानकारी सामने आने के बाद तकनीकी और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।