अमेरिका यूरोप में सुरक्षा ढांचे में बड़े बदलाव लाने की योजना बना रहा है, जिसे “NATO 3.0” कहा जा रहा है। यह योजना नाटो को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने पर केंद्रित है ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके। योजना में पूर्वी यूरोप में सैन्य उपस्थिति बढ़ाना और साइबर सुरक्षा, तथा अंतरिक्ष सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना शामिल है। इसका उद्देश्य रूस और चीन जैसे देशों से बढ़ते खतरों का मुकाबला करना है। अमेरिका चाहता है कि यूरोपीय सहयोगी भी रक्षा खर्च बढ़ाएँ और अपनी क्षमताओं को विकसित करें। यह योजना यूरोप की सुरक्षा को फिर से परिभाषित करने की कोशिश है, जिसमें सामूहिक सुरक्षा और सहयोग पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल नाटो के भीतर शक्ति संतुलन को भी बदल सकती है।