संयुक्त राज्य अमेरिका में एक ईसाई स्कूल पर आरोप है कि उसने एक छात्रा को समलैंगिक होने का खुलासा करने के बाद स्नातक होने से रोक दिया। छात्रा ने स्कूल के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। अदालत ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्कूल को दस हजार डॉलर का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्रा ने सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन किया था, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। छात्रा ने फेसबुक पर अपनी यौन पहचान उजागर की थी। इस मामले ने धार्मिक स्वतंत्रता और एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों से जुड़े सवालों को फिर से जन्म दिया है। अदालत का फैसला समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
