अमेरिका नाटो के यूरोपीय अभियानों के लिए लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों में भारी कटौती करने की योजना बना रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से नाटो की लंबी दूरी तक हमला करने और निगरानी करने की क्षमता सीमित हो जाएगी। पेंटागन का कहना है कि यह कदम भविष्य की चुनौतियों के लिए संसाधनों को पुन: आवंटित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूर्वी यूरोप में रूस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नाटो की प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो सकती है। कटौती में F-35 जैसे आधुनिक विमानों और महत्वपूर्ण नौसैनिक संपत्तियों को शामिल किया जा सकता है। इस योजना से नाटो सहयोगियों के बीच चिंताएं बढ़ सकती हैं, खासकर उन देशों के बीच जो अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर हैं। अमेरिका का कहना है कि वह नाटो की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन संसाधनों का आवंटन बदल रहा है।