संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर पूर्ण पैमाने पर वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिसे ‘आर्थिक डी-डे’ कहा जा रहा है। इन प्रतिबंधों के कारण ईरानी अर्थव्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव पड़ा है। शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि ईरान के व्यापार में लगभग 35% की भारी गिरावट आई है। ये प्रतिबंध ईरान के तेल निर्यात और वित्तीय लेनदेन को लक्षित करते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रतिबंध ईरान पर अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को सीमित करने के लिए दबाव बढ़ाने का प्रयास हैं। ईरान की सरकार ने इन प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है और उन्हें अवैध बताया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने और इन प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह कर रहा है।