पेंटागन ने कुछ प्रमुख चीनी तकनीकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है। चीन ने इस कदम को अनुचित और एकतरफा बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। बीजिंग का कहना है कि यह प्रतिबंध चीनी कंपनियों के विकास को बाधित करने और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को दबाने का प्रयास है। चीन ने अमेरिका पर शीत युद्ध की मानसिकता से प्रेरित होकर चीन को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को तुरंत प्रतिबंध हटा लेने चाहिए। इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी तनाव बढ़ने की आशंका है। अमेरिका का तर्क है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं।