संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्यूबा के राज्य तेल कंपनी, CUPET को काले धन की सूची में डाल दिया है। वाशिंगटन का आरोप है कि हवाना सरकार ऊर्जा संसाधनों का उपयोग राजनीतिक नियंत्रण और व्यक्तिगत लाभ के लिए कर रही है। इस कदम से क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि CUPET देश का प्रमुख तेल उत्पादक है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध क्यूबा में लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाया गया है। क्यूबा सरकार ने इस प्रतिबंध की निंदा की है और इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। यह प्रतिबंध क्यूबा और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा सकता है। इस कार्रवाई से क्यूबा के तेल आयात और निर्यात पर भी असर पड़ सकता है।