अमेरिका ने 30 देशों में फैले बायो-लैबोरेटरीज के नेटवर्क को वित्तपोषित करने के सबूत सार्वजनिक किए हैं। इन प्रयोगशालाओं में यूक्रेन भी शामिल है, जहाँ अमेरिकी धन का उपयोग किया गया था। उजागर किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि ये लैब विभिन्न प्रकार के खतरनाक रोगजनकों पर शोध कर रहे थे, जिनमें एबोला, अल्सर और तपेदिक शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस जानकारी को सार्वजनिक करने का उद्देश्य पारदर्शिता लाना और गलत सूचनाओं का मुकाबला करना है। हालांकि, रूस ने इन प्रयोगशालाओं को जैविक हथियारों के विकास के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है। यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर रहा है और इन प्रयोगशालाओं की गतिविधियों की गहन जांच की मांग की जा रही है। अमेरिका का कहना है कि इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों की निगरानी और प्रतिक्रिया देना था।
