अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने कई देशों पर दबाव डाला ताकि वे यूरोपीय गलत सूचना सम्मेलन के संरक्षण को वापस ले लें। इस सम्मेलन का उद्देश्य यूरोप में फैलाए जा रहे गलत सूचनाओं से निपटना था। बताया जा रहा है कि अमेरिका का मानना है कि यह सम्मेलन कुछ विशेष विचारधाराओं का समर्थन करता है और उसकी नीतियों के विपरीत है। इस दबाव के परिणामस्वरूप, कई यूरोपीय देशों ने सम्मेलन को प्रायोजित करने का फैसला बदल दिया। यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। सम्मेलन का भविष्य अब अनिश्चित है। सम्मेलन का उद्देश्य गलत सूचनाओं से निपटने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना था, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप के कारण इसकी सफलता संदिग्ध लग रही है।