अमेरिका ने ईरान के साथ चल रही वार्ता के दौरान खाड़ी देशों के हितों की रक्षा करने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब ईरान ने मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने वाले किसी भी समझौते को ‘अमेरिकी हार’ का प्रतीक बताया है। ईरान का कहना है कि इस तरह का कोई भी समझौता अमेरिकी नीतियों की विफलता को दर्शाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने खाड़ी देशों को आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखा जाएगा और ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उनकी चिंताओं को दूर किया जाएगा। वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्थापित करना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं, जिससे समझौते की राह मुश्किल दिखाई दे रही है। खाड़ी देशों ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।