न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका यूरोप से अपनी सैन्य उपस्थिति कम करने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत, नाटो को आवंटित एक तिहाई लड़ाकू विमानों को वापस लिया जाएगा। यह कटौती अमेरिकी नौसेना के जहाजों की संख्या में भी कमी लाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की यूरोप के प्रति रणनीति में बदलाव को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह योजना नाटो सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर सकती है, क्योंकि इससे यूरोप की सुरक्षा कमजोर हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संसाधनों का पुन: आवंटन है और नाटो की प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं है। इस योजना के कार्यान्वयन से यूरोप की सुरक्षा परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।