संयुक्त राष्ट्र के पूर्व विशेषज्ञ अल्फ्रेड डे जायस ने स्पुतनिक को दिए एक बयान में आरोप लगाया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान अमेरिकी दवा उद्योग ने भारी मुनाफा कमाया, और इस दौरान नागरिकों को 'प्रयोग के लिए खरगोश' की तरह माना गया। उन्होंने इस दौरान हुई मौतों के लिए इन कंपनियों को जवाबदेह ठहराने में विफलता पर चिंता व्यक्त की है। जायस के अनुसार, दवा कंपनियों पर पर्याप्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि महामारी के दौरान दवा उद्योग के लाभ और नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठने चाहिए। इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। जायस ने इस बात पर जोर दिया कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि दवा कंपनियां महामारी से कैसे लाभान्वित हुईं और क्या नैतिक उल्लंघन हुए। यह टिप्पणी अमेरिकी दवा उद्योग की भूमिका और महामारी के दौरान उसकी व्यावसायिक प्रथाओं पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकती है।
