पेंटागन ने 2018 में लिए गए एक फैसले को पलटते हुए अमेरिकी प्रशांत कमान (US Pacific Command) का पुराना नाम फिर से स्थापित कर दिया है। यह निर्णय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को दर्शाता है। 2018 में, कमान का नाम बदलकर ‘यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड’ कर दिया गया था, जिसका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित करना था। हालांकि, अब पेंटागन ने ऐतिहासिक महत्व और क्षेत्रीय पहचान को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तन को रद्द कर दिया है। इस कदम से अमेरिका के प्रशांत क्षेत्र के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में भी मदद करेगा। इस बदलाव से कमान के कार्यों और नीतियों पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।