1999 में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एप्पल कंप्यूटर पर एक असामान्य प्रतिबंध लगाया था। अमेरिकी सरकार ने इसे एक "हथियार" के रूप में वर्गीकृत किया और 50 देशों को इसके निर्यात पर रोक लगा दी थी। यह कदम कंप्यूटर की शक्तिशाली एन्क्रिप्शन क्षमताओं के कारण उठाया गया था, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था। उस समय, एप्पल ने अपने उत्पादों में मजबूत एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया था, जिससे डेटा को सुरक्षित रखना संभव हो गया था। अमेरिका को डर था कि यह तकनीक दुश्मन देशों के हाथों में लग सकती है। इस प्रतिबंध ने एप्पल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार को अस्थायी रूप से बाधित किया, लेकिन बाद में इसे हटा लिया गया। यह घटना प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच जटिल संबंधों को दर्शाती है।