अमेरिका का सबसे बड़ा तेल भंडार कई वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। यह स्तर 2014 के बाद सबसे कम है। इस गिरावट के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जिसमें उतार-चढ़ाव जारी है। यह स्थिति ऊर्जा क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। बाजार पर करीबी नजर रखी जा रही है ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।
