अमेरिका, ईरान को एक व्यापक परमाणु समझौते के लिए लुभाने हेतु अरबों डॉलर के कोष और प्रतिबंधों में छूट देने की योजना बना रहा है। इस पहल के तहत, ईरान को पहले ही तेल निर्यात पर प्रतिबंधों से राहत देने का प्रस्ताव दिया गया है। यह कदम तेहरान पर दबाव बनाने और उसे परमाणु गतिविधियों को सीमित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि आर्थिक प्रोत्साहन ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव की सफलता अभी भी अनिश्चित है और ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यह समझौता पूर्ववर्ती परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जिससे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 2018 में हटकर ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए थे।