ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना 2026 से पर्थ के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर परमाणु शक्ति से चलने वाली कई पनडुब्बियां तैनात करेगी। यह तैनाती ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच 'ऑकस' समझौते का हिस्सा है। पर्थ, ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह है। इस कदम से क्षेत्र में सैन्य संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि यह तैनाती दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करेगी। यह ऑस्ट्रेलिया को उन्नत सैन्य क्षमताएं प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस घोषणा से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।