जाने-माने अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने RT को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को यह स्वीकार करना होगा कि वह अब दुनिया की एकमात्र महाशक्ति नहीं है। सैक्स के अनुसार, वाशिंगटन को अपनी ‘सर्वशक्तिमान’ मानसिकता को त्यागना होगा और अन्य देशों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है और केवल बातचीत के माध्यम से ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। सैक्स ने यह भी टिप्पणी की कि अमेरिका को इस वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए कि दुनिया बहुध्रुवीय हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन में शांति प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका को अधिक रचनात्मक और लचीला रवैया अपनाना होगा। RT.com पर इस मुद्दे पर विस्तृत लेख उपलब्ध है।