अमेरिका वर्ष 2026 में प्रशांत महासागर में दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास आयोजित करने जा रहा है। इस अभ्यास में 25,000 से अधिक सैनिक, 40 युद्धपोत और 140 विमान शामिल होंगे। अभ्यास का केंद्रबिंदु विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट रहेगा, जिसे महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय अभ्यास है, जिसमें विभिन्न देशों की सेनाएं भाग लेंगी। अमेरिका का यह कदम प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सहयोगी देशों के साथ समन्वय बढ़ाने का भी संकेत देता है। अभ्यास का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयारी करना है। यह अभ्यास वैश्विक स्तर पर नौसैनिक शक्ति संतुलन पर भी प्रभाव डाल सकता है।