अमेरिकी नौसेना ने 24 सितंबर को वर्जीनिया में रोबोटिक एवं स्वायत्त प्रणाली युद्ध विकास केंद्र (Robotic and Autonomous Systems Warfighting Development Centre) की स्थापना की है। इस केंद्र का उद्देश्य हवाई, समुद्री और जलमग्न ड्रोन के बढ़ते बेड़े को एक एकीकृत युद्ध बल में बदलना है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह क्षमता पीएलए (PLA) द्वारा ताइवान पर हमले को बाधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह केंद्र मानव रहित प्रणालियों के लिए रणनीति और तकनीकों का विकास करेगा, नाविकों को उनका उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करेगा और यह परीक्षण करेगा कि क्या वे वास्तविक परिस्थितियों में काम कर सकते हैं। इस पहल से ताइवान को लेकर युद्ध की योजना में बड़े बदलाव आ सकते हैं। यह अमेरिकी नौसेना की ड्रोन तकनीक में बढ़ती दिलचस्पी और निवेश को दर्शाता है। यह केंद्र भविष्य के युद्ध परिदृश्य के लिए तैयारी का एक महत्वपूर्ण कदम है।