अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण रिकॉर्ड तोड़ ४० ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुँच गया है, जिससे नागरिकों में वित्तीय चिंताएं बढ़ रही हैं। एक नए फोकस समूह में पाया गया है कि आगामी नवंबर के चुनावों में मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा वित्तीय बोझ है। सीराकस विश्वविद्यालय और अनुसंधान फर्मों Engagious और Sago द्वारा आयोजित इस अध्ययन से पता चलता है कि लोगों का मानना है कि उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के लिए एक "आर्थिक डी-डे" की योजना बना रहे हैं। विदेश नीति के संपादक रवि अग्रवाल ने इस योजना पर अपनी राय व्यक्त की। यह स्थिति अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। मतदाताओं की मुख्य चिंताएँ महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत हैं।