न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ईरान युद्ध के चलते अमेरिका के मिसाइल भंडार में कमी आई है। इस कमी से वाशिंगटन के एशियाई और यूरोपीय सहयोगियों का आत्मविश्वास कम हो सकता है। मिसाइल की घटती संख्या से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की सैन्य तैयारी अब पहले जितनी मजबूत नहीं रही है। इस स्थिति से सहयोगियों को अपनी सुरक्षा पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। अमेरिका को अपनी मिसाइल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सहयोगियों को आश्वस्त करने की आवश्यकता है। यह मुद्दा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है।