अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यूरोप में तैनात अमेरिकी सेना की मौजूदगी की समीक्षा करने की घोषणा की है। यह समीक्षा छह महीने तक चल सकती है और इसमें अमेरिकी कांग्रेस से परामर्श किया जाएगा। इस कदम से नाटो सहयोगियों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है, क्योंकि रक्षा मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से नाटो सहयोगियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। समीक्षा का उद्देश्य अमेरिकी सैन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना बताया जा रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम यूरोप में अमेरिकी प्रभाव को बनाए रखने की कोशिश भी हो सकती है। इस घोषणा के बाद नाटो के भीतर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और कई देशों ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह समीक्षा अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच भविष्य के सैन्य सहयोग को प्रभावित कर सकती है।
