पेंटागन के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के अदालत में दिए गए बयान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान त्वरित सैन्य कार्रवाई के समन्वय के लिए एलोन मस्क के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ‘ग्रोक’ का उपयोग किया। यह खुलासा एक कानूनी मामले के दौरान हुआ। सेना ने ‘ग्रोक’ के एक विशेष संस्करण का इस्तेमाल किया, जिसके बारे में विवरण अभी तक पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस AI का उपयोग युद्ध की परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और सैन्य अभियानों को सुव्यवस्थित करने में किया गया था। इस जानकारी से यह पता चलता है कि अमेरिकी सेना युद्ध में AI तकनीक को किस हद तक एकीकृत कर रही है। फिलहाल, इस मामले पर पेंटागन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। ‘ग्रोक’ का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए करने से गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।
