अमेरिका में एक नए समझौते को लेकर तीव्र आलोचना हो रही है, जिसके चलते पूर्व राष्ट्रपति रीगन के समर्थकों में गहरा असंतोष है। आलोचकों का मानना है कि यह समझौता रीगन द्वारा स्थापित की गई नीतियों के विपरीत है, और उन्होंने इसे "रीगन के कब्र में करवट लेने" जैसा बताया है। यह समझौता संभवतः व्यापार या रक्षा से संबंधित है, हालांकि विशिष्ट विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस समझौते पर विभाजन दिखाई दे रहा है, कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं जबकि अन्य इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विवाद से आगामी चुनावों पर भी असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, समझौते के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव बना हुआ है।
