अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्रों ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की शर्तों और डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का विश्लेषण किया है। विश्लेषणों से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन उच्च तेल कीमतों से चिंतित था और इसी वजह से ईरान के साथ समझौता करने को मजबूर हुआ। कई अखबारों ने इस समझौते की आलोचना करते हुए इसे ट्रंप की विदेश नीति में एक विसंगति बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमित प्रतिबंधों में ढील देता है। इस समझौते के बदले में ईरान ने कुछ शर्तों का पालन करने का वादा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते का वैश्विक तेल बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यह समझौता ट्रंप के 'अधिकतम दबाव' की नीति से एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।
