अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद ईरान पर हमलों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प के सहयोगी नवंबर के चुनावों से पहले ईरान के साथ किसी भी संघर्ष को शांत रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि युद्ध से चुनाव परिणामों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालाँकि, चुनाव जीतने के बाद, ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक नीति को और तेज़ कर सकता है। इस रणनीति का उद्देश्य ईरान पर अधिकतम दबाव बनाना और उसे बातचीत की मेज पर लाना बताया जा रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमले किस प्रकार के होंगे, लेकिन सैन्य और आर्थिक दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यह स्थिति मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा सकती है।