लगभग 40 दिनों तक चले हमलों के बाद, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच चल रही वार्ताओं के लिए आधार तैयार करेगा। समझा जाता है कि यह समझौता आगे की बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया है। फिलहाल, समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं। यह कदम ईरान के तेल निर्यात को बढ़ावा दे सकता है और वैश्विक तेल बाजार पर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण राजनयिक पहल है।