अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना, जिसने 2014 में इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने के लिए इराक और सीरिया में तैनाती की थी, ने बुधवार को औपचारिक रूप से अपना मिशन समाप्त कर दिया। ईरान के गार्डों ने इराक से अमेरिकी सेना की वापसी को ‘ऐतिहासिक जीत’ बताया है। इस कदम से क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव कम होने की संभावना है। गठबंधन सेना ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन हाल के वर्षों में समूह की पकड़ कमजोर हुई है। इराक सरकार ने अमेरिकी सेना की उपस्थिति को लेकर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम इराक में राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है। यह क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।