अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणाओं के बाद लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमला किया है। हमलों के सटीक लक्ष्य अभी ज्ञात नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि ये ईरान के सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे। ईरान ने प्रतिक्रिया में हर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस स्थिति से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक हमलों पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने ईरान की गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में एक बड़े संघर्ष की शुरुआत हो सकती है। इस हमले से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है।