अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर नए हमले शुरू कर दिए हैं। ये हमले मंगलवार, 1 सितंबर को किए गए और दक्षिणी ईरान में, विशेष रूप से ओर्मुज की खाड़ी के पास विस्फोटों की खबरें हैं। वाशिंगटन और तेहरान दोनों ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इन हमलों के लिए कड़ी प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है। इस घटना से मध्य पूर्व में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।