अमेरिका में वैज्ञानिकों ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने वाली पहली जेनेटिक दवा का मानव परीक्षण शुरू किया है। यह परीक्षण एक ऐसे मरीज पर किया गया है, जिसकी आंखें उम्र के कारण कमजोर हो गई हैं। इस दवा का उद्देश्य आंखों की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करना और दृष्टि में सुधार करना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह दवा उम्र से संबंधित अन्य बीमारियों के इलाज में भी मददगार साबित हो सकती है। यह परीक्षण अभी शुरुआती चरण में है और इसके परिणाम आने में समय लग सकता है। यदि सफल होता है, तो यह दवा उम्र बढ़ने के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यह दवा जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।