संयुक्त राज्य अमेरिका ने 28 वर्षों में पहली बार जापान के साथ मिलकर येन को समर्थन देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप किया है। यह हस्तक्षेप 1998 के बाद येन के लिए संयुक्त खरीद का पहला उदाहरण है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम वाशिंगटन की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। ये हस्तक्षेप अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों के प्रति भी संकेत करता है। येन के कमजोर होने से जापान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा था। इस हस्तक्षेप का उद्देश्य येन को स्थिर करना और वित्तीय बाजारों में विश्वास बहाल करना है। यह कदम अमेरिका और जापान के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करता है।