इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहबी ने कहा है कि हाल ही में ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित अपनी सबसे उन्नत सैन्य तकनीक का इस्तेमाल किया। हालांकि, यह तकनीक ईरान की संस्थागत दृढ़ता, वैचारिक एकजुटता, राष्ट्रीय एकता और संकल्प को तोड़ने में विफल रही। मोहबी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल का AI ईरान की ताकत के सामने कमजोर साबित हुआ। इस विफलता के कारण ईरान की मजबूत आंतरिक स्थिरता और राष्ट्रीय भावना को तोड़ा नहीं जा सका। यह बयान ईरान की सैन्य क्षमताओं और प्रतिरोध की शक्ति पर जोर देता है। इस घटना से भविष्य के सैन्य संघर्षों में AI की सीमाओं पर भी सवाल उठते हैं।