इराक और अमेरिका के बीच एक व्यापक रणनीतिक समझौता हुआ है, जिसके तहत ऊर्जा क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश किया जाएगा। यह समझौता इराक के प्रधानमंत्री अली फलिह अल-ज़ैदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत टॉम बैराक के बीच जून 2026 में संपन्न हुआ। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरान को दरकिनार करते हुए इराक की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। माना जा रहा है कि इससे इराक के ऊर्जा बुनियादी ढांचे का पुनर्गठन होगा और अमेरिकी कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे। यह समझौता क्षेत्रीय ऊर्जा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ईरान के ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ सकता है। इस समझौते के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह इराक-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।