मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञ खश्यार बोरबोरी ने स्पुतनिक को बताया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा दी जा रही धमकियों का आकलन करते समय सैन्य क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए वादों को केवल सैन्य दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। विशेषज्ञ के अनुसार, अमेरिका के पास ईरान पर कार्रवाई करने की क्षमता तो है, लेकिन क्या उसके पास ऐसा करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है, यह एक अलग सवाल है। यह विश्लेषण अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलताओं और संभावित टकराव के जोखिमों को दर्शाता है। बोरबोरी का मानना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले, अमेरिका को अपने लक्ष्यों और परिणामों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना होगा। वर्तमान स्थिति में, अमेरिका की रणनीति में कई अनिश्चितताएं हैं। यह बयान भू-राजनीतिक तनाव के बीच आया है, जहां दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही नाजुक हैं।