स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में इज़राइल को दरकिनार कर दिया गया है। वर्षों से ईरान और उसके सहयोगियों को कमजोर करने के बाद, इज़राइल अब देख रहा है कि तेहरान अपने सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी, अमेरिका पर प्रभाव बढ़ा रहा है। हालांकि, इज़राइल इस स्थिति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और वार्ता के परिणामों का विरोध कर सकता है, जिसमें वह शामिल नहीं है। माना जा रहा है कि इज़राइल चुपचाप अपनी रणनीति बना रहा है। यह वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता पर केंद्रित है। इस स्थिति से इज़राइल की क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल, इज़राइल ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन संकेत दिए हैं कि वह चुप नहीं रहेगा।
