अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता की स्थिति को लेकर परस्पर विरोधी बयान सामने आ रहे हैं, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि वार्ता जारी है और यह तेहरान के लिए एक ‘अंतिम मौका’ है, लेकिन ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत या उसकी योजना से इनकार किया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ पर हालिया हमले ने वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए जोखिमों को उजागर किया है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वार्ता विफल होती है, तो क्षेत्र में संघर्ष का खतरा बढ़ जाएगा। फिलहाल, राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं है। इस स्थिति पर दुनिया भर में नजर रखी जा रही है।