दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी ठोस प्रगति के संपन्न हो गई। दोनों देशों ने स्थायी शांति की दिशा में कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाया। यह वार्ता मुख्य रूप से उन मुद्दों पर केंद्रित थी जिनका समाधान दो सप्ताह पहले एक अस्थायी समझौते के साथ कर लिया गया था। सूत्रों के अनुसार, वार्ता में फारस की खाड़ी के महत्वपूर्ण जलमार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ध्यान केंद्रित किया गया था। हालांकि, किसी भी तरह के समझौते या आगे की वार्ता की योजना की कोई घोषणा नहीं की गई है। इस परिणाम से मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।