अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता को “बहुत सकारात्मक” बताया है और ईरानी धन को जारी करने की योजना की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही, ईरान ने परमाणु समझौते पर प्रगति होने की बात कही है, जिसे ईरान ने खंडित किया है। वहीं, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इटली, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम पर भी हमला बोला है। ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी समझौते का विरोध जारी रखा है। वार्ता का उद्देश्य 2015 के परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करना है, जिससे ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जा सके। अमेरिका का कहना है कि वह कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास कर रहा है, लेकिन सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। इस स्थिति में इटली, जर्मनी और यूके की भूमिका महत्वपूर्ण है।