अमेरिका और पाकिस्तान के नेताओं ने रविवार को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे महीनों के संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर की भविष्यवाणी की है। हालांकि, तेहरान ने इस समझौते की समय-सीमा पर संदेह व्यक्त किया है। अमेरिकी और पाकिस्तानी नेताओं का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में सहायक होगा। वहीं, ईरान में कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने इस समझौते का विरोध किया है, जिससे इसकी सफलता अनिश्चित हो गई है। तेहरान की ओर से अभी तक समझौते की शर्तों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। इस समझौते पर हस्ताक्षर होने से मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने में मदद मिल सकती है, लेकिन विरोध प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें रविवार के संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं।