अमेरिका और ईरान रविवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत के एक नए दौर की शुरुआत करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप देना है। दोनों पक्षों के पास ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार जैसे कठिन मुद्दों को सुलझाने के लिए 60 दिनों की समयसीमा है। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इसका मुख्य कारण लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष है। गौरतलब है कि इजरायल और हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं। वर्तमान में तेल अवीव लेबनान के क्षेत्र से पीछे हटने से इनकार कर रहा है, जिससे शांति प्रयासों में बाधा आ रही है।