अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, क्योंकि दोनों देशों ने शनिवार को भी एक दूसरे पर हमले जारी रखे। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने लगातार सातवीं रात सैन्य बुनियादी ढांचे और समुद्री क्षमताओं पर हमले किए, जबकि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी हमले किए। कुवैत में एक जल अलवणीकरण संयंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। खाड़ी सहयोग परिषद ने तेहरान द्वारा नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है, और इसे युद्ध अपराध बताया है। यह संघर्ष हर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर है, जो एक महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। इस स्थिति से क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।