अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते से ईरानी नागरिकों में गहरा निराशा और विश्वासघात की भावना पैदा हो गई है। कई ईरानी नागरिकों का कहना है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उन्हें छोड़ दिया गया है। उनका मानना था कि अमेरिका ईरान की वर्तमान सरकार का विरोध करता है और उन्हें इस सरकार के गिरने की उम्मीद थी। इस समझौते ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। नागरिकों का कहना है कि अमेरिकी सरकार ने उनके साथ झूठ बोला है और उनकी परवाह नहीं की है। यह समझौता ईरान में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। इस समझौते के बाद, ईरानी नागरिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें डर है कि उनकी स्थिति और भी खराब हो जाएगी।