वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता यरोन अब्राहम ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अब केवल प्रार्थना करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। अब्राहम ने समझौते के विवरण पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया से समझौते के प्रति उनकी असहमति स्पष्ट है। यह बयान रात में दिया गया था और इसने राजनीतिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया है। इस समझौते का इजरायल पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में भी अटकलें लगाई जा रही हैं। अब्राहम की निराशाजनक टिप्पणी इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका को बढ़ा सकती है। फिलहाल, स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।