अमेरिका और ईरान के बीच हो रहे समझौते से इज़राइल में राजनीतिक संकट गहरा गया है। तेल अवीव में बने एक भूमिगत बंकर में आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें इस समझौते के प्रभावों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू पर उनके अपने दल और विपक्षी दलों दोनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और देश को अलग-थलग करने का आरोप है। यह घटना नेतान्याहू के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा संकट बताया जा रहा है। इस समझौते के कारण इज़राइल की सुरक्षा नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस समझौते से मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
