अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। 16 जून 2026 को ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई, जो मार्च के बाद पहली बार हुआ है। यह गिरावट हाइड्रोकार्बन निर्यात में संभावित वृद्धि की उम्मीदों के कारण है। विश्लेषकों का मानना है कि इस समझौते से तेल की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव बनेगा। बाजार में सामान्यीकरण की उम्मीदों ने भी इस गिरावट में योगदान दिया है। फिलहाल, तेल की कीमतों में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है। यह समझौता ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।