संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत ईरान, ओर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (AIE) का अनुमान है कि इससे 2027 तक तेल आपूर्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और एक बड़ा अधिशेष उत्पन्न होगा। यह कदम वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित कर सकता है, जिससे कीमतों में संभावित बदलाव आ सकते हैं। समझौते की शर्तों में अन्य विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इस समझौते से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।