अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर विश्व नेताओं ने स्वागत किया है, जिसके तहत शुक्रवार को जिनेवा में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है, ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। हालांकि, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता केवल विवादित मुद्दों को स्थगित कर सकता है, स्थायी समाधान नहीं। ऑस्ट्रेलियाई एसोसिएटेड प्रेस की एक पत्रकार, जिन्होंने दो साल ईरान की जेल में बिताए, ने भी इस समझौते पर कड़ी आलोचना की है। उनका मानना है कि यह समझौता वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं करता। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करते हैं या नहीं।
