पाकिस्तान का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता अगले 24 घंटों में अंतिम रूप ले सकता है। हालांकि, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं। समझौते की शर्तों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि तेहरान के नेतृत्व ने आधिकारिक तौर पर समझौते के मसौदे को मंजूरी दी है या नहीं। इजराइल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों को भी समझौते के रास्ते में एक बड़ी बाधा माना जा रहा है। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन अभी भी कई अनिश्चितताएं मौजूद हैं। पाकिस्तान इस समझौते का स्वागत करेगा क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप की आशंकाओं के बावजूद, समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं।